कविता के विषय को लेकर निम्न कथन किस विद्वान का है-
चींटी से लेकर हाथी पर्यंत, भिक्षुक से लेकर राजा पर्यंत, बिन्दु से लेकर समुद्र पर्यंत, जल, अनन्त आकाश, अनन्त पृथ्वी, अनन्त पर्यंत सभी पर कविता हो सकती है।
जगन्नाथ दास रत्नाकर
महावीर प्रसाद द्विवेदी
सियाराम शरण गुप्त
मैथिली शरण गुप्त
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